कई शहरों में बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित
HARYANA DESK : राज्य में बिजली विभाग के कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह में लंबे समय तक बिजली न आने से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई, वहीं कई जगहों पर पानी की सप्लाई और औद्योगिक कामकाज पर भी असर पड़ा। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हड़ताल शुरू होने के शुरुआती 12 घंटों में गुरुग्राम में बिजली कटौती से जुड़ी 3,000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं।
निजी बिजली वितरण लाइसेंस के विरोध में हड़ताल
बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने गुरुग्राम और नूंह में एक निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के फैसले के विरोध में हड़ताल की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस कदम से सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था और कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि निजी कंपनी को दिया गया लाइसेंस रद्द किया जाए और राज्य में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में जनजीवन प्रभावित
गुरुग्राम के कई रिहायशी इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आईं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों में पानी की मोटरें नहीं चल सकीं और कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन कार्य भी प्रभावित हुआ। परेशान लोगों ने बिजली बहाल करने की मांग उठाई। फरीदाबाद में भी बिजली कटौती के कारण पानी की उपलब्धता और दैनिक कामकाज पर असर पड़ने की खबरें सामने आईं।
नूंह में भी बिजली संकट
नूंह जिले के पुन्हाना, नगीना और फिरोजपुर झिरका सहित कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिली। बिजली न होने से घरेलू जरूरतों के साथ पानी की उपलब्धता को लेकर भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस बीच प्रशासन और बिजली विभाग के सामने आपूर्ति बहाल करने तथा शिकायतों का निपटारा करने की चुनौती बनी रही।
सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की
राज्य सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि लाइसेंस से जुड़े विवाद को कानूनी तरीके से चुनौती दी जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए बिजली व्यवस्था बहाल करने के प्रयासों पर जोर दिया है।
सोनीपत में दो मौतों की खबर पर सावधानी: आपके दिए गए लिंक के शीर्षक में सोनीपत में दो मौतों का उल्लेख है, लेकिन उपलब्ध अन्य रिपोर्टों से इन मौतों और बिजली हड़ताल के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। इसलिए इस खबर में इसे पुष्ट तथ्य के रूप में शामिल नहीं किया गया है।
कुल मिलाकर, बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था और आम जनजीवन पर असर डाला है। अब स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।









