PUNJAB DESK: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान संगरूर जिले के तूर बनजारा गांव पहुंचकर दिवंगत गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उनके दुख में सहभागी बने। गुलजार सिंह की मौत का मामला पंजाब में नशे की समस्या और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चर्चा में रहा है।
नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने के बाद विवाद में आया था मामला
गुलजार सिंह तूर बनजारा गांव के निवासी और दिहाड़ी मजदूर थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने गांव में नशे की उपलब्धता को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल किया था। इसके बाद परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें अपमान और दबाव का सामना करना पड़ा। गुलजार सिंह की 7 सितंबर को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने के बाद मौत हो गई थी। इस मामले ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया था। परिवार ने घटना के हालात को लेकर आरोप लगाए, जबकि मामले की जांच के जरिए तथ्यों और जिम्मेदारी का निर्धारण किया जाना है। इसलिए इन आरोपों को जांच में साबित हुआ निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
नशे के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग
गुलजार सिंह की मौत के बाद नशे की समस्या, स्थानीय स्तर पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठती रही है। मामले में पुलिस जांच और विशेष जांच दल (SIT) के गठन की जानकारी भी सामने आई थी।
अमित शाह का परिवार से मिलना ऐसे समय हुआ है, जब पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और इस मुद्दे पर राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज है। उनके पंजाब दौरे में नशे से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों से मुलाकात और लुधियाना में दशहरा समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम भी था। गुलजार सिंह के परिवार की मुलाकात ने एक बार फिर इस सवाल को सामने रखा है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएं।









