रावण के जरिए दिया नशामुक्त पंजाब का संदेश
PUNJAB DESK : दशहरे के मौके पर जालंधर के भार्गव कैंप में बच्चों की रचनात्मकता लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस बार बच्चों ने रावण के पुतलों को अलग-अलग रूप देकर त्योहार को खास बनाने की कोशिश की है। इन पुतलों में पारंपरिक अंदाज के साथ नए और अनोखे प्रयोग भी देखने को मिल रहे हैं।
कहीं रावण को ट्रैक्टर पर बैठा दिखाया गया है, तो कहीं उसे घोड़े और कार पर सवार बनाया गया है। वहीं, ड्रैगन थीम पर तैयार किए गए रावण के पुतले के जरिए नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की कोशिश की गई है। बच्चों की यह पहल धार्मिक उत्सव के साथ सामाजिक संदेश को भी जोड़ती है।
अनोखे पुतले बनाने में 30 से 35 हजार रुपये का खर्च
बच्चों ने बताया कि इन विशेष पुतलों को तैयार करने में लगभग 30 से 35 हजार रुपये तक खर्च आता है। अलग-अलग थीम और आकृतियों के जरिए उन्होंने अपनी कल्पनाशीलता को प्रदर्शित किया है। इन पुतलों का उद्देश्य केवल दशहरे की रौनक बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों तक एक जरूरी संदेश पहुंचाना भी है।
त्योहार के जरिए नशे के खिलाफ अपील
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए बच्चों ने पंजाब को नशे से मुक्त बनाने की अपील की है। भार्गव कैंप में तैयार किए गए ये पुतले लोगों का ध्यान खींचने के साथ नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।बच्चों की इस पहल ने दशहरे के उत्सव को एक अलग पहचान दी है, जहां रचनात्मकता के साथ समाज के लिए सकारात्मक संदेश भी देखने को मिल रहा है।









