BUSINESS DESK : रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई Jio Platforms ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार दर्ज किया है। कंपनी का पूंजीगत खर्च घटाने के बाद बचा नकदी प्रवाह बढ़कर ₹42,071 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष यानी FY25 में यह ₹19,902 करोड़ था, जबकि FY24 में यह केवल ₹1,449 करोड़ रहा था। इन आंकड़ों से कंपनी की नकदी पैदा करने की क्षमता में हुई बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।
शुद्ध कर्ज में आई कमी
Jio Platforms के शुद्ध कर्ज में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मार्च 2025 में कंपनी का शुद्ध कर्ज ₹45,273.4 करोड़ था, जो मार्च 2026 तक घटकर ₹27,579.2 करोड़ रह गया। इस दौरान कुल उधार भी ₹73,060 करोड़ से घटकर ₹70,781 करोड़ हो गया। कंपनी के नेट लेवरेज अनुपात में भी लगातार सुधार हुआ। FY24 में यह 0.88 गुना था, जो FY25 में 0.71 गुना और FY26 में घटकर 0.36 गुना रह गया। यह दर्शाता है कि कंपनी की परिचालन कमाई के मुकाबले शुद्ध कर्ज का अनुपात कम हुआ है।
राजस्व और मुनाफे में भी बढ़ोतरी
कंपनी का परिचालन राजस्व FY24 के लगभग ₹1.10 लाख करोड़ से बढ़कर FY26 में करीब ₹1.47 लाख करोड़ हो गया। इसी अवधि में कर के बाद मुनाफा ₹21,423 करोड़ से बढ़कर ₹30,049 करोड़ पहुंच गया। राजस्व और मुनाफे में यह बढ़ोतरी कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूती देने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है।
IPO की रकम से कर्ज चुकाने की योजना
Jio Platforms के प्रस्तावित IPO को लेकर भी कंपनी की वित्तीय रणनीति महत्वपूर्ण है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, IPO से मिलने वाली शुद्ध रकम में से अधिकतम ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm Limited के कुछ कर्जों का समय से पहले भुगतान करने के लिए किया जा सकता है। प्रस्ताव में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना शामिल है। Jio Platforms के ताजा आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का शुद्ध कर्ज घटा है और नकदी प्रवाह में सुधार हुआ है। हालांकि, IPO की अंतिम शर्तें और कंपनी की आगे की वित्तीय स्थिति आधिकारिक घोषणाओं तथा भविष्य के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।









