PUNJAB DESK : पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने राजनीतिक रुख को लेकर स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उनके नेता हैं और वह कांग्रेस के साथ जुड़े रहेंगे। वड़िंग के इस बयान के बीच पार्टी में नए नेतृत्व और नेताओं की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वड़िंग ने कहा कि आने वाले चुनाव में सचिन पायलट उन्हें टिकट दें या नहीं, इससे पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने खुद को राहुल गांधी का सिपाही बताते हुए कांग्रेस के लिए काम करते रहने की बात कही। उनके मुताबिक, पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और वह संगठन के फैसलों का सम्मान करेंगे।
युवाओं को अधिक टिकट देने की वकालत
वड़िंग ने राहुल गांधी के साथ हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी में काम करने वाले युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने का सुझाव दिया था। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि आगामी चुनाव में 50 प्रतिशत से ज्यादा टिकट ऐसे युवाओं को दिए जाने चाहिए, जो संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाला कोई भी नेता हो, वह उसके साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। इस बयान को पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर वड़िंग के रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
समर्थकों से बैठक के बाद परगट सिंह के कार्यक्रम में पहुंचे
परगट सिंह के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के दिन राजा वड़िंग ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर समर्थकों और पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद वह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां परगट सिंह ने नई जिम्मेदारी संभाली। वड़िंग ने पार्टी में बने रहने और संगठन के साथ काम करने की बात दोहराई। वहीं, उनके बयानों के बाद पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के दौरान नेताओं के बीच तालमेल और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर नजर बनी हुई है। फिलहाल वड़िंग ने कांग्रेस छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है और पार्टी के लिए काम जारी रखने की बात कही है।









