रवि शंकर प्रसाद ने विरोध प्रदर्शनों को चुनावी हार से जोड़ने का आरोप लगाया
NATIONAL DESK : दिल्ली में कथित चुनावी धांधली के विरोध में प्रदर्शन की कोशिश के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। भाजपा सांसद और प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि भारत कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ नहीं है और देश का संचालन संसद के जरिए होगा, सड़कों पर विरोध प्रदर्शनों के दबाव में नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का हवाला देते हुए चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव किया।
BJP ने विरोध प्रदर्शनों को चुनावी हार से जोड़ा
रवि शंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल चुनावी हार के बाद सड़क पर प्रदर्शन को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा विरोध प्रदर्शन के खिलाफ नहीं है, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में उपचुनावों में भाजपा-नीत NDA के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए इसे जनता का समर्थन बताया। भाजपा नेता ने दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से चल रहे विरोध को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उनका दावा था कि इन प्रदर्शनों को व्यापक जनसमर्थन हासिल नहीं है। ये बयान भाजपा की ओर से विपक्ष के आरोपों और प्रदर्शन के आह्वान के जवाब में दिए गए।
दिल्ली में 1,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की खबर
रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके सहित 1,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। दिन के दौरान आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार समेत कई नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए उन्हें वहां तक पहुंचने से रोक दिया। दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी बढ़ाई गई थी।
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हिरासत में लिए गए नेताओं और युवाओं के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार करने से आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। राहुल गांधी इस सप्ताह कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे थे। शुक्रवार को INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा था। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने, हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं को बहाल करने, चुनावों में बैलेट पेपर वापस लाने और कथित वोट चोरी के आरोपों से जुड़े चुनावों को रद्द करने जैसी मांगें रखी गईं।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भी टकराव
राहुल गांधी के इस बयान पर कि राष्ट्रपति ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया, रवि शंकर प्रसाद ने आपत्ति जताई। उन्होंने इसे राष्ट्रपति पद की गरिमा का अपमान बताया। वहीं, कांग्रेस और विपक्षी दल मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।









