POLITICAL DESK : कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक संस्थाओं को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि हाल के महीनों में कई चुनावों में गड़बड़ी और वोट चोरी के मामले सामने आए हैं और अब लोग भी इन मुद्दों को समझने लगे हैं। सोनिया गांधी ने ये बातें अपनी आगामी किताब Belonging: A Journey of Love के विमोचन से पहले अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ को दिए एक इंटरव्यू में कहीं। उनकी किताब 10 नवंबर को दुनिया भर में प्रकाशित होने वाली है।
‘कई चुनावों में हुई गड़बड़ी के सबूत सामने आए’
इंटरव्यू के दौरान सोनिया गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं, जिनसे कई चुनावों में कथित धांधली की बात साबित हुई है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, विपक्षी दलों को मौजूदा सरकार के कार्यकाल में समान राजनीतिक अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं पर सरकार के प्रभाव, मीडिया में नियंत्रण और चुनावी संसाधनों की असमानता को लेकर भी चिंता जताई।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुधारने में लगेगा समय
सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थानों को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई आसान नहीं होगी। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार के सत्ता से जाने के बाद भी संस्थाओं को पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए राजनीतिक दलों को लंबे समय तक प्रयास करने पड़ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर निराशा जाहिर नहीं की। उनका कहना था कि लोग अब बदलाव की जरूरत महसूस कर रहे हैं और कांग्रेस को भी जनता के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिल रहा है।
कांग्रेस की वापसी को लेकर जताया भरोसा
कांग्रेस की लगातार चुनावी हार और कमजोर होते राजनीतिक प्रभाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में सोनिया गांधी ने कहा कि वह पार्टी के भविष्य को लेकर निराश नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता देशभर में सक्रिय हैं। पार्टी समान विचारधारा वाले अन्य दलों के साथ मिलकर काम कर रही है और इससे उसकी संभावनाओं में सुधार हो रहा है।
मोदी के राजनीतिक सफर और RSS पर भी रखी राय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर पर बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि उनका वैचारिक आधार कांग्रेस से अलग रहा है। उन्होंने कांग्रेस के भीतर डॉ. मनमोहन सिंह और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीति में सफलता हासिल करने के अलग-अलग रास्ते हो सकते हैं। RSS से राजनीतिक सीख लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उससे बहुत कुछ सीखने की जरूरत नहीं है।
10 नवंबर को रिलीज होगी सोनिया गांधी की किताब
सोनिया गांधी की आत्मकथा Belonging: A Journey of Love 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। इस किताब में इटली में उनके बचपन से लेकर भारत आने, राजीव गांधी से मुलाकात, विवाह और गांधी परिवार के साथ उनके जीवन के अनुभवों का जिक्र है। किताब में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या जैसे व्यक्तिगत दुखों के साथ-साथ कांग्रेस की राजनीतिक यात्रा और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के उनके फैसले पर भी चर्चा की गई है।
सोनिया गांधी का यह इंटरव्यू ऐसे समय आया है, जब निर्वाचन आयोग की भूमिका, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी को लेकर कांग्रेस तथा भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। कांग्रेस जहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।









