PUNJAB DESK : पंजाब में आम आदमी पार्टी को एक और राजनीतिक झटका लगा है। अमृतसर नॉर्थ के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को भेज दिया है। त्यागपत्र में उन्होंने 1 नवंबर 2026 से अपना इस्तीफा प्रभावी करने की बात कही है l कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने अमृतसर के लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया है, उसे वह हमेशा याद रखेंगे।
पार्टी से पहले ही सामने आ चुके थे मतभेद
कुंवर विजय प्रताप सिंह और आम आदमी पार्टी के बीच पिछले कुछ समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। जून 2025 में पार्टी ने कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चा होती रही। अपने संदेश में उन्होंने साफ राजनीति, पारदर्शी प्रशासन और पंजाब के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने नशा तस्करी, फिरौती, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को राज्य के सामने बड़ी चुनौतियां बताया।
जनता से किए कामों का भी किया जिक्र
विधायक ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने जनता के लिए तय किए गए लक्ष्यों में से लगभग 90 प्रतिशत काम पूरे किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमृतसर के लोगों के मुद्दों को विधानसभा में उठाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने राजनीतिक दृष्टिकोण को ‘पंजाब फर्स्ट’ बताते हुए राज्य के भविष्य और जनहित को सबसे ऊपर रखने की बात कही।
लगातार राजनीतिक घटनाक्रम से AAP की चिंता बढ़ी
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के भी आम आदमी पार्टी छोड़ने की खबरें आई थीं। अब कुंवर विजय प्रताप सिंह के विधानसभा से इस्तीफे ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, इन तीनों मामलों में एक अंतर है। जौड़ामाजरा और पठानमाजरा के पार्टी छोड़ने की घोषणा सामने आई थी, जबकि कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा भेजा है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि कुंवर विजय प्रताप सिंह आगे कौन-सा राजनीतिक रास्ता अपनाते हैं और आम आदमी पार्टी इस स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया देती है।









