BUSINESS DESK : भारतीय रुपये में सोमवार, 12 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार के दौरान जोरदार मजबूती देखने को मिली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से डॉलर की मांग कम करने और विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गए कदमों के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 1 प्रतिशत चढ़कर 95.76 के स्तर पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
RBI ने विदेशी मुद्रा कारोबार के नियमों में किए बदलाव
रिजर्व बैंक ने शनिवार को रुपये से जुड़े विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर नए प्रतिबंध लागू किए। इसके तहत रद्द किए गए कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स को दोबारा बुक करने पर रोक लगाई गई है। साथ ही, वास्तविक कारोबारी जरूरत के बिना किए जाने वाले कुछ विदेशी मुद्रा लेनदेन की सीमा घटाई गई है। इन कदमों का उद्देश्य बाजार में सट्टेबाजी और डॉलर की अतिरिक्त मांग को नियंत्रित करना है। इसके अलावा, कुछ विदेशी मुद्रा कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए बैंकों को 20 प्रतिशत नकद राशि अलग रखने की आवश्यकता होगी। इससे आयातकों के लिए रुपये की गिरावट से बचाव करने वाली हेजिंग महंगी हो सकती है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी वजह से कंपनियां डॉलर की भविष्य की जरूरतों के लिए अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती हैं।
तेल कंपनियों के लिए RBI ने खोली विशेष सुविधा
डॉलर की मांग को नियमित बाजार से हटाने के लिए RBI ने तेल विपणन कंपनियों के लिए विशेष सुविधा भी शुरू की है। इसके माध्यम से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां अपनी डॉलर की जरूरतें केंद्रीय बैंक की सुविधा के जरिए पूरी कर सकती हैं। इससे इन कंपनियों की खरीद का दबाव सामान्य स्पॉट बाजार पर कम हो सकता है।
रुपये को राहत, लेकिन चुनौतियां बरकरार
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI के कदमों से रुपये पर तत्काल दबाव कम हो सकता है, लेकिन इससे डॉलर की मूल मांग समाप्त नहीं होगी। कच्चे तेल के आयात, विदेशी व्यापार भुगतान और विदेशी निवेश के प्रवाह जैसे कारक अब भी रुपये की दिशा को प्रभावित करेंगे। विदेशी मुद्रा बाजार में आगे रुपये की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि RBI के नए नियमों का कितना असर पड़ता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर तथा कच्चे तेल की कीमतें किस दिशा में जाती हैं। फिलहाल सोमवार के शुरुआती कारोबार में रुपये की मजबूती को केंद्रीय बैंक के नए उपायों से मिली राहत के तौर पर देखा जा रहा है।









