PUNJAB DESK : एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम के साथ स्वर्ण पदक जीतकर सुखजीत सिंह जालंधर अपने घर पहुंचे। उनके लौटने पर परिवार, दोस्तों और स्थानीय लोगों ने ढोल की थाप के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सुखजीत के घर पहुंचते ही वहां खुशी का माहौल बन गया और उन्हें बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। स्वागत के दौरान सुखजीत सिंह ने एशियन गेम्स में भारतीय टीम के प्रदर्शन को लेकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया है, जो पूरी टीम के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस सफलता के लिए अपने परिवार और प्रशंसकों का आभार भी जताया।
पाकिस्तान के खिलाफ गोल को बताया सबसे यादगार
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को लेकर सुखजीत सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच होने वाला हॉकी मैच हमेशा उनके लिए अलग महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ गोल करना उनके लिए सबसे यादगार पलों में से एक रहा। सुखजीत के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ गोल किया, उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने इस पल को मुकाबले का एक महत्वपूर्ण मोड़ भी बताया।
फाइनल में गेम प्लान के मुताबिक खेलने का था लक्ष्य
मलेशिया के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले को लेकर सुखजीत सिंह ने बताया कि टीम ने पहले से अपना गेम प्लान तैयार किया था। खिलाड़ियों का लक्ष्य था कि पूरे मुकाबले के दौरान रणनीति के मुताबिक खेलते हुए बेहतर प्रदर्शन किया जाए और जीत के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया जाए। भारतीय टीम ने फाइनल में जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
LA Olympics के लिए भी मिली बड़ी कामयाबी
सुखजीत सिंह ने बताया कि टीम के सामने एशियन गेम्स के दौरान एक और महत्वपूर्ण लक्ष्य था—Los Angeles Olympics के लिए क्वालिफाई करना। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारतीय हॉकी टीम ने यह लक्ष्य भी हासिल कर लिया। अब टीम की नजर आगे की तैयारियों पर है। सुखजीत ने बताया कि मैचों और प्रैक्टिस से पहले वह टीम के साथ समय बिताएंगे और आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी जारी रखेंगे।









