ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका: भारतीय मूल की हरमीत कौर ढिल्लों ने दिया इस्तीफा, जानिए क्या है वजह

INTERNATIONAL DESK  : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। भारतीय मूल की वरिष्ठ अधिकारी और अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की प्रमुख हरमीत कौर ढिल्लों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की घोषणा अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने 5 नवंबर को की। मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के बाद प्रशासन से किसी वरिष्ठ अधिकारी का यह पहला बड़ा इस्तीफा माना जा रहा है।

हरमीत ढिल्लों ने बताया अपना फैसला

हरमीत ढिल्लों ने स्पष्ट किया है कि पद छोड़ने का निर्णय उनका खुद का था। उन्होंने बताया कि वह कुछ सप्ताह पहले ही निजी कानूनी क्षेत्र में लौटने का मन बना चुकी थीं। हालांकि, व्हाइट हाउस के अनुरोध पर उन्होंने मिडटर्म चुनावों के नतीजे आने तक पद पर बने रहना स्वीकार किया। अपने विदाई संदेश में उन्होंने अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग में काम करने को अपने जीवन का बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने ट्रंप को यह अवसर देने के लिए धन्यवाद भी दिया।

अटॉर्नी जनरल ने की कार्यकाल की तारीफ

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने ढिल्लों के काम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने नागरिक अधिकार प्रभाग का नेतृत्व दृढ़ता के साथ किया और अमेरिकी नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा करने का प्रयास किया। ब्लैंच ने विभाग की ओर से उनकी सार्वजनिक सेवा के लिए आभार जताया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

कौन हैं हरमीत कौर ढिल्लों?

हरमीत कौर ढिल्लों का जन्म चंडीगढ़ में एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था। उनका परिवार बाद में अमेरिका में बस गया। पेशे से वकील ढिल्लों ने सैन फ्रांसिस्को में अपनी लॉ फर्म भी चलाई और अमेरिकी राजनीति में रूढ़िवादी विचारधारा की प्रमुख चेहरों में शामिल रहीं। ट्रंप के साथ उनकी नजदीकी पहले से रही है। वह उनके कानूनी मामलों से भी जुड़ी रही थीं। ट्रंप प्रशासन में शामिल होने के बाद उन्होंने अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की नीतियों और प्राथमिकताओं में बड़े बदलाव किए।

कार्यकाल को लेकर हुई थी आलोचना

हरमीत ढिल्लों का कार्यकाल विवादों से भी जुड़ा रहा। उनके नेतृत्व में नागरिक अधिकार प्रभाग ने विविधता, समानता और समावेशन (DEI) से संबंधित नीतियों के खिलाफ कार्रवाई की और विश्वविद्यालयों सहित कई संस्थानों की जांच शुरू की। वहीं, पूर्व अधिकारियों और आलोचकों ने आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में विभाग ने नागरिक अधिकारों से जुड़े अपने पारंपरिक काम से ध्यान हटाया। दूसरी ओर, ढिल्लों ने अपने काम को अमेरिकी कानूनों और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा से जुड़ा बताया।

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