जियो की शानदार शेयर बाजार लिस्टिंग से IPO मार्केट को मिला नया भरोसा

2027 में बढ़ सकती है कंपनियों की हलचल

BUSINESS DESK : रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में दमदार शुरुआत ने भारतीय IPO बाजार में नई उम्मीद जगाई है। कंपनी की मजबूत लिस्टिंग से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और आने वाले समय में बड़ी कंपनियों के शेयर बाजार में उतरने का रास्ता भी मजबूत होता दिखाई दे रहा है।

28 अक्टूबर को कारोबार शुरू होने के पहले ही दिन जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर अपने इश्यू प्राइस से करीब 27 प्रतिशत तक चढ़ गए। इस तेजी के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 13.05 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके साथ ही जियो देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई।

113 कंपनियों को IPO की मंजूरी, 115 ने जमा किए दस्तावेज

जियो की सफल लिस्टिंग का असर केवल कंपनी तक सीमित नहीं है। इससे उन कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है, जो अपना IPO लाने की तैयारी कर रही हैं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत में 113 कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 115 अन्य कंपनियों ने IPO के लिए शुरुआती दस्तावेज जमा किए हैं। इन संभावित कंपनियों में PhonePe, Pernod Ricard India, Hindustan Coca-Cola Beverages और Parle Products जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा Flipkart भी भारतीय बाजार में शेयर जारी करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।

निवेशकों ने जियो IPO पर जताया जबरदस्त भरोसा

जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO करीब 30,213 करोड़ रुपये का था। इस इश्यू को निवेशकों की ओर से 22 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। सार्वजनिक इश्यू और एंकर निवेशकों की ओर से कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मांग और लिस्टिंग के बाद शेयरों में आई तेजी से यह संकेत मिला है कि निवेशक मजबूत कंपनियों के बड़े IPO में पैसा लगाने के लिए तैयार हैं। SBI कैपिटल मार्केट्स के इक्विटी कैपिटल मार्केट्स प्रमुख अमरेंद्र सिंह के अनुसार, जियो की मजबूत शुरुआत ने बड़े IPO को लेकर खासकर खुदरा निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ाने में मदद की है।

2027 तक जारी रह सकती है IPO बाजार में तेजी

विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकारी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और नई तकनीक से जुड़ी कंपनियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी से भारत का प्राथमिक बाजार सक्रिय रह सकता है। जियो की लिस्टिंग से उन कंपनियों को भी आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिल सकता है, जो बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए अब तक IPO लाने से बच रही थीं। भारत में इस साल कंपनियां IPO के जरिए लगभग 18.26 अरब डॉलर जुटा चुकी हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 22.36 अरब डॉलर रहा था। ऐसे में मौजूदा प्रदर्शन के आधार पर भारतीय IPO बाजार एक बार फिर मजबूत गतिविधियों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

बड़े IPO के लिए बदला नियामकीय रास्ता भी अहम

जियो की लिस्टिंग के पीछे एक महत्वपूर्ण पहलू नियामकीय बदलाव भी रहा। नए नियमों के तहत बड़ी कंपनियों को अपनी कुल हिस्सेदारी का केवल 2.5 प्रतिशत हिस्सा बेचकर भी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की अनुमति मिल सकती है।

इससे बहुत बड़े मूल्यांकन वाली कंपनियों को बाजार में उतरने के लिए अपनी अधिक हिस्सेदारी बेचने की जरूरत नहीं होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से आने वाले समय में कई बड़े कारोबारी समूह IPO की योजना को आगे बढ़ा सकते हैं। कुल मिलाकर, जियो प्लेटफॉर्म्स की सफल लिस्टिंग ने भारतीय प्राथमिक बाजार को नई ऊर्जा दी है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में कितनी बड़ी कंपनियां इस मौके का फायदा उठाकर शेयर बाजार में उतरती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *