POLITICAL DESK : पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने इस्तीफे को लेकर कहा है कि कोई भी व्यक्ति हमेशा शीर्ष पद पर नहीं रह सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया गया और न ही उनसे इस्तीफा मांगा गया था। राजा वड़िंग ने शुक्रवार को दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने ही उन्हें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी, इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा भी उन्हें ही देना उचित समझा। वड़िंग के अनुसार, वह किसी की मेहरबानी से इस पद पर नहीं थे। उन्होंने राहुल गांधी के साथ पंजाब की राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की।
राजा वड़िंग ने कहा कि शीर्ष पद तक पहुंचना अपने आप में एक उपलब्धि है, लेकिन कोई भी व्यक्ति हमेशा उस पद पर नहीं रह सकता। उन्होंने कांग्रेस में अपने सफर और पार्टी नेतृत्व के साथ संबंधों पर बात करते हुए कहा कि वह अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हैं और अपनी बात राहुल गांधी के सामने पहले ही रख चुके हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस में उन्हें जो भी अवसर और समर्थन मिला, वह राहुल गांधी की ओर से मिला था। वड़िंग अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने थे। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की 13 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की थी।
राजा वड़िंग का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर मतभेदों की खबरें सामने आ रही थीं। पार्टी हाईकमान ने जुलाई में वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं में असहमति की खबरें सामने आई थीं। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा और चन्नी के बीच भी नेतृत्व की भूमिका को लेकर मतभेद बताए गए थे। सितंबर में सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद राज्य इकाई में संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं और तेज हो गई थीं।
राजा वड़िंग के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम चर्चा में है। सिंगला संगरूर से सांसद रह चुके हैं और पंजाब सरकार में शिक्षा तथा लोक निर्माण विभाग के मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हालांकि, नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस में यह नेतृत्व परिवर्तन अहम माना जा रहा है। राजा वड़िंग ने अपने इस्तीफे के साथ यह भी स्पष्ट किया कि उनका फैसला व्यक्तिगत रूप से लिया गया था और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने पंजाब से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी है।









