शेयर बाजार में गिरावट जारी, RBI की ब्याज दर बढ़ोतरी और महंगे कच्चे तेल का दबाव; TCS के नतीजों पर नजर

Sensex और Nifty लाल निशान में, ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली

IT शेयरों ने दिखाई मजबूती, TCS में नतीजों से पहले तेजी

BUSINESS DESK : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कमजोरी देखने को मिली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद निवेशकों की सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बनाया। शुरुआती कारोबार में Nifty 50 करीब 0.54% गिरकर 22,482.10, जबकि BSE Sensex लगभग 0.48% की गिरावट के साथ 72,290.77 पर कारोबार कर रहा था।

RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.5% किया

बाजार की कमजोरी के पीछे RBI का हालिया फैसला अहम कारण रहा। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.5% कर दिया। करीब चार साल में यह पहली ब्याज दर बढ़ोतरी है। इसके साथ RBI ने अपनी नीतिगत स्थिति को ‘Neutral’ से बदलकर ‘Calibrated Tightening’ कर दिया, जिससे आगे भी मौद्रिक नीति सख्त रहने की संभावना पर निवेशकों का ध्यान है।

कच्चा तेल $102 के पार, महंगाई की चिंता बढ़ी

मध्य पूर्व में तनाव और खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग से जुड़ी घटनाओं के कारण तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। गुरुवार के कारोबार में Brent crude करीब 2.2% चढ़कर 102.5 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए महंगा क्रूड महंगाई और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चिंता बढ़ाता है।

16 में से 14 सेक्टरों में गिरावट

बाजार में कमजोरी व्यापक रही। शुरुआती कारोबार में 16 प्रमुख सेक्टरों में से 14 गिरावट में थे। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी करीब 0.8% नीचे आए। इसके उलट IT सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा दिया और IT इंडेक्स करीब 1.8% ऊपर रहा।

TCS के नतीजों से शुरू होगा अर्निंग सीजन

निवेशकों की नजर अब Tata Consultancy Services (TCS) के सितंबर तिमाही के नतीजों पर है। देश की सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनियों में शामिल TCS गुरुवार को अपने नतीजे जारी करने वाली है और इसके साथ बड़ी कंपनियों के सितंबर तिमाही अर्निंग सीजन की शुरुआत होगी। शुरुआती कारोबार में TCS का शेयर करीब 2.5% मजबूत था। Reuters के मुताबिक, विश्लेषकों का औसत अनुमान TCS के तिमाही राजस्व में सालाना आधार पर 11.2% और मुनाफे में 14.2% बढ़ोतरी का है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है। बुधवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में लगभग ₹6,121 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। यह विदेशी निवेशकों की लगातार नौवीं बिकवाली वाली ट्रेडिंग सेशन थी।

Paytm-MobiKwik में बड़ी गिरावट

शेयरों की बात करें तो Paytm और One MobiKwik के शेयर करीब 7% तक टूटे, जबकि Pine Labs में लगभग 3.1% गिरावट दर्ज की गई। डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट फीस लागू होने में संभावित देरी की रिपोर्ट के बाद इन शेयरों पर दबाव आया। वहीं ITC में करीब 3% गिरावट दर्ज की गई।  फिलहाल बाजार की दिशा पर RBI की सख्त मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख असर डाल रहे हैं। TCS के नतीजों के बाद IT सेक्टर और व्यापक बाजार की आगे की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी।

 

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