पंजाब सरकार ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत 21 दिसंबर को जालंधर नगर निगम चुनाव संपन्न कराए। इन चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई, और उसने 38 पार्षद जीते। बहुमत के लिए आम आदमी पार्टी को 5 और पार्षदों की आवश्यकता थी। इसके बाद राजनीतिक उठापटक का दौर शुरू हुआ, जिससे कई अन्य दलों के पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।
वर्तमान में आम आदमी पार्टी के पास 44 पार्षद हैं, जो बहुमत के पार माना जा रहा है। लेकिन पार्टी के नेतृत्व ने स्थानीय यूनिट को निर्देश दिए हैं कि कुछ और पार्षदों को तोड़कर आप में शामिल कराया जाए, ताकि आंकड़ा 50 के निकट पहुँच सके। इससे आम आदमी पार्टी मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में और भी आरामदायक स्थिति में आ जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, कई कांग्रेस और भाजपा के पार्षद आम आदमी पार्टी में जुड़ने के लिए तैयार हैं, और उनका औपचारिक जुड़ाव शनिवार, 4 जनवरी को हो सकता है। एक अन्य पार्षद ने पहले ही आम आदमी पार्टी को समर्थन देने का आश्वासन दिया है, जिससे पार्षदों की संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी। अगर तीन और पार्षद जुड़ जाते हैं, तो संख्या 48 हो सकती है, जो बहुमत से पांच अधिक होगा।
जालंधर नगर निगम के पार्षद हाउस की पहली बैठक में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव किया जाएगा। इस बैठक में क्रॉस वोटिंग की संभावना भी जताई जा रही है, जिसके चलते आम आदमी पार्टी अपने पक्ष में समर्थन जुटा सकेगी। पार्टी नेतृत्व ने मेयर पद के लिए एक सशक्त दावेदार को फाइनल कर लिया है, और यह तय है कि सीनियर डिप्टी मेयर का पद एक महिला को और डिप्टी मेयर का पद एक पुरुष को दिया जाएगा।
