महाकुंभ मेले की तैयारी जोरों पर है, जो 13 जनवरी 2025 से शुरू होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं। मंत्री विभिन्न राज्यों में जाकर श्रद्धालुओं को महाकुंभ में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। आज यूपी सरकार के तीन मंत्री पंजाब के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिले और उन्हें महाकुंभ के लिए न्यौता दिया। महाकुंभ का आयोजन तीर्थराज प्रयागराज में होने जा रहा है, जहाँ विश्वभर से 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस महाकुंभ में नागा संन्यासियों का जप-तप, किन्नर संन्यासियों का भजन-पूजन, दंडी संन्यासियों की तपस्या, और वैष्णव संतों का त्याग श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करेगा।
महाकुंभ में 13 अखाड़ों के 15 लाख से अधिक संत जप-तप में लीन रहेंगे। यमुना तट पर स्थित प्राचीन अक्षयवट वृक्ष और बांध स्थित लेटे हनुमान जी के दर्शन का विशेष प्रबंध किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होगी। महाकुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को प्रमुख स्नान पर्वों की तिथियाँ नोट करने की सलाह दी गई है। इनमें पौष पूर्णिमा (13 जनवरी), मकर संक्रांति (14 जनवरी) – शाही स्नान, मौनी अमावस्या (29 जनवरी) – शाही स्नान, बसंत पंचमी (3 फरवरी) – शाही स्नान, माघी पूर्णिमा (12 फरवरी), और महाशिवरात्रि (26 फरवरी) शामिल हैं। श्रद्धालुओं के लिए इन तिथियों पर प्रयागराज में जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है, जिससे पुण्य लाभ और दान-पुण्य अर्जन का सुनहरा अवसर मिलेगा।
