पंजाब में हाल ही में हुई बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री का सुधार देखा गया था, लेकिन पहाड़ों पर तेज हिमपात के चलते ठंड एक बार फिर से बढ़ गई है। रविवार को महानगर जालंधर का अधिकतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में ठंडक का स्पष्ट संकेत है। पहले अधिकतम तापमान 20 डिग्री के करीब था, लेकिन अब इसमें 6 डिग्री की गिरावट आ चुकी है।
पंजाब के विभिन्न हिस्सों में तापमान की स्थिति इस प्रकार है: आनंदपुर साहिब में 21 डिग्री और शहीद भगत सिंह नगर में 13.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, शहीद भगत सिंह नगर 4.5 डिग्री के साथ पंजाब का सबसे ठंडा शहर बन गया है। फाजिल्का में 6.3 डिग्री और पठानकोट में 6.2 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग ने पंजाब के कई जिलों में सोमवार को ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। घनी धुंध और कोल्ड डे की चेतावनी भी जारी की गई है। अनुमान है कि कोहरा मध्यम से घना हो सकता है और हाइवे पर दृश्यता 500 मीटर के आसपास रह सकती है। दिसम्बर के अंत में धुंध बढ़ गई है, जिससे पहले के कुछ दिनों में सूर्य देवता का भी दर्शन नहीं हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी एवं धुंध का प्रकोप भी बढ़ता रहेगा। हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बर्फबारी का असर पंजाब के मौसम पर भी पड़ रहा है। चंडीगढ़, अमृतसर, बठिंडा और जालंधर के आदमपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
पंजाब और हरियाणा में पिछले दो दिन की बारिश के चलते एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार हुआ है, वहीं पहाड़ों की बर्फबारी का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। हालांकि, मौसम साफ होने के कारण लोगों को दोपहर में राहत मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के कारण हवा में प्रदूषण का स्तर भी सुधरता है।
