इनोशेंट हार्ट्स ग्रुप ने लंग केयर फाउंडेशन के सहयोग से, लोहारां स्थित इनोशेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सैफ्रोन रेस्तरां में “वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य” पर एक उच्च प्रभाव वाली राउंड टेबल चर्चा का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न हितधारकों एवं विशेषज्ञों, जिनमें डॉक्टर, शिक्षाविद, कृषि समुदाय के प्रतिनिधि, पंचायतों के सदस्य, युवा तथा सरकारी अधिकारी शामिल थे, को एकत्रित किया गया। इस चर्चा में डॉ. राजीव खुराना, डॉ. अरुण वालिया, डॉ. चंदर बौरी, डॉ. रोहन, डॉ. अहसानुल हक और डॉ. पलक जैसे विशिष्ट वक्ताओं ने वायु प्रदूषण के मानव स्वास्थ्य पर विनाशकारी प्रभावों पर प्रकाश डाला और इस मुद्दे के समाधान के लिए सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में किसान प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने अपनी चिंताओं एवं अनुभवों को साझा किया। कृषि विभाग के सरकारी अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों के साथ रचनात्मक बातचीत की, जो एक सकारात्मक संवाद का हिस्सा था। इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण लंग केयर फाउंडेशन और इनोशेंट हार्ट्स ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर औपचारिक हस्ताक्षर करना था। यह समझौता वायु गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार हेतु जागरूकता बढ़ाने, शोध और वास्तविक समाधानों पर दीर्घकालिक सहयोग के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।
इनौसेंट हार्ट्स के छात्रों ने पर्यावरण और इसके संरक्षण से संबंधित अपने innovative परियोजना विचारों को प्रदर्शित किया, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप थे। उपस्थित प्रतिनिधियों ने इन विचारों की सराहना की। कार्यक्रम का समापन वायु प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने, बहु-क्षेत्रीय रणनीतियों को विकसित और लागू करने तथा नागरिकों को कार्यान्वयन योग्य समाधान अपनाने के लिए साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अनुप बौरी ने कहा, “हम वायु प्रदूषण और इसके मानव स्वास्थ्य पर असर को संबोधित करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज का यह कार्यक्रम हमारे समुदाय में सार्थक परिवर्तन लाने के लिए एक दीर्घकालिक सहयोग की शुरुआत है।” लंग केयर फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी डॉ. राजीव खुराना ने कहा, “वायु प्रदूषण केवल एक पर्यावरणीय चुनौती नहीं है; यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल है। इस कार्यक्रम ने हितधारकों के बीच सहयोग बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया है ताकि इस गंभीर मुद्दे को प्रभावी ढंग से संबोधित किया जा सके।”
