पंजाब के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण रात के तापमान में गिरावट आ रही है और ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। फरीदकोट जिला भी इस दायरे में आता है, जहां पिछले 2 दिनों में रात का तापमान 1.5 और 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि शीतलहर से सबसे ज्यादा बुजुर्ग और छोटे बच्चे प्रभावित होते हैं। ठंड के कारण उन्हें कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। बुजुर्गों और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को सुबह और देर शाम को अधिक ठंड और कोहरा होने पर पैदल चलने या घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
छोटे बच्चों को निमोनिया होने का खतरा अधिक होता है और ठंड के कारण उन्हें उल्टी, दस्त की समस्या भी हो सकती है। इसलिए बच्चों की देखभाल पर विशेष ध्यान देते हुए उनको ठंड से बचाने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले गर्म कपड़े पहनाएं, साथ ही सिर पर टोपी और पैरों में मोजे पहनाएं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को सर्दी से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्था करने को कहा है।
ठंड में गर्म चीजों जैसे सूप, चाय, कॉफी, संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए। इस मौसम में गर्म कपड़े दो या तीन परतों में पहनने चाहिए ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए समय-समय पर गुनगुना या आवश्यकतानुसार गुनगुना पानी पिएं, संतुलित आहार लें।
