PUNJAB DESK : लगातार बारिश और बाढ़ के पानी ने गुरदासपुर के पास स्थित गांव गुरदास नंगल में एक मजदूर परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव निवासी केवल कुमार के मकान की दीवारों में बड़ी दरारें आ गई हैं और छत के लकड़ी के गार्डर टूटकर गिर गए हैं। मकान का एक कमरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार को अब अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है।
सात लोगों का परिवार, कमाई का सहारा केवल दिहाड़ी-मजदूरी
केवल कुमार दिहाड़ी-मजदूरी करके अपने परिवार का खर्च चलाते हैं। उनकी पत्नी सरबजीत कौर और बुजुर्ग माता बचनी के अनुसार, परिवार में कुल सात सदस्य हैं। इनमें छोटे बच्चे, एक बेटी, मानसिक रूप से अस्वस्थ बड़ा भाई और बुजुर्ग माता भी शामिल हैं। परिवार की आमदनी सीमित होने के कारण क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत करवाना आसान नहीं है। ऐसे में घर की खराब हालत उनके लिए बड़ी चिंता बन गई है।
कभी भी गिर सकता है मकान का बाकी हिस्सा, परिवार चिंतित
परिवार के सदस्यों ने बताया कि दीवारों में दरारें पड़ने और छत के गार्डर टूटने के बाद उन्हें डर है कि कहीं मकान का कोई और हिस्सा भी न गिर जाए। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन घर को हुए नुकसान ने परिवार की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से लगाई गुहार
पीड़ित परिवार ने पंजाब सरकार, गुरदासपुर जिला प्रशासन, समाजसेवी संस्थाओं और दानदाताओं से आर्थिक मदद की अपील की है। परिवार चाहता है कि मकान की मरम्मत या दोबारा निर्माण के लिए सहायता मिले, ताकि सभी सदस्य सुरक्षित जगह पर रह सकें।
परिवार ने समाज के सक्षम लोगों से भी आगे आकर सहयोग करने की अपील की है। उनका कहना है कि बच्चों, बुजुर्ग माता और परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा के लिए घर की मरम्मत बेहद जरूरी है। अब परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन और समाजसेवी संस्थाएं उनकी स्थिति को समझते हुए मदद के लिए आगे आएंगी।









