PUNJAB DESK : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों के दौरान देश में बने उत्पाद खरीदने और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने की अपील की है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उन्होंने पंजाब के मालवा क्षेत्र में जैविक कपास की खेती और पारंपरिक बुनाई को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र किया।
जैविक खेती और पारंपरिक बुनाई को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने खेती विरासत मिशन की ‘नव-त्रिंजन’ पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि इस परियोजना के माध्यम से जैविक कपास की खेती और पारंपरिक हथकरघा कला को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल में प्राकृतिक रंगों वाली कपास के इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जाता है। इससे पर्यावरण के अनुकूल कपड़ा उत्पादन को बढ़ावा देने और पंजाब की पारंपरिक हस्तकला को संरक्षित करने में मदद मिल सकती है।
महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर
इस परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को हथकरघा बुनाई का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की गई है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने कौशल के आधार पर रोजगार और आय अर्जित करने के अवसर मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कुछ महिलाओं के अनुभवों का जिक्र करते हुए बताया कि पारंपरिक बुनाई उनके लिए आजीविका का एक नया माध्यम बन रही है। इस तरह की पहल स्थानीय हुनर को पहचान दिलाने के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को भी प्रोत्साहित करती है।
‘वोकल फॉर लोकल’ पर पीएम का जोर
नरेंद्र मोदी ने दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान खरीदारी करते समय स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों और घरेलू उद्योगों के उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय सामान को बढ़ावा मिलने से देश के छोटे कारोबारियों और कारीगरों को लाभ पहुंच सकता है।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, उनकी पैकेजिंग में सुधार करने और उन्हें अधिक लोगों तक पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री का संदेश है कि त्योहारों पर स्थानीय उत्पाद खरीदकर लोग देश के कारीगरों, पारंपरिक कला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहयोग दे सकते हैं।









