जालंधर: पंजाब कांग्रेस के प्रधान परगट सिंह ने कुकड़ पिंड मंडी का दौरा कर धान की खरीद और उठान की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार के साथ अकाली दल और भाजपा की नीतियों की भी आलोचना की। परगट सिंह का आरोप है कि मंडियों में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से किसानों और आढ़तियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मंडी में खरीद और उठान की स्थिति पर सवाल
परगट सिंह ने बताया कि उनके अनुसार, मंडी से अब तक लगभग 50 हजार बोरियों का उठान हुआ है और करीब 30 हजार बोरियों की खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि अभी लगभग दो लाख बोरी धान की आवक बाकी है। अच्छी फसल के कारण इस बार मंडियों में ज्यादा धान पहुंचने की संभावना भी जताई।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार और शैलर मालिकों के बीच हुए कथित समझौतों का असर खरीद व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रति कट्टा करीब 200 रुपये की संभावित सौदेबाजी का दावा करते हुए पंजाब को लगभग 4,000 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही। ये आंकड़े और आरोप उनके बयान पर आधारित हैं।
किसानों की मेहनत और मंडियों के इंतजाम पर चिंता
परगट सिंह ने कहा कि किसान छह महीने मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन कई बार फसल बेचने के बाद भी उनकी लागत पूरी नहीं हो पाती। उन्होंने मंडियों में पहले से पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि फसल की आवक बढ़ने की संभावना को देखते हुए खरीद और उठान की बेहतर योजना बनाई जानी चाहिए थी, ताकि किसानों को इंतजार और अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
परगट सिंह ने राज्य में जारी असंतोष का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री मान की पोस्टरों में तस्वीरों को लेकर भी टिप्पणी की।
झोटा मामले और पुलिस व्यवस्था पर बयान
परविंदर सिंह झोटा के मामले में परगट सिंह ने उनके पिता के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटे का शव होने के बावजूद पिता ने लोगों को बाजार खोलने और दशहरा मनाने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में पुलिस पर लोगों का भरोसा कम हुआ है, इसी वजह से सीबीआई जांच की मांग उठ रही है। यह टिप्पणी परगट सिंह की अपनी राय के रूप में सामने आई।
सुखपाल खैहरा के निलंबन पर सवाल
कांग्रेस नेता ने सुखपाल सिंह खैहरा के निलंबन और विधानसभा की कार्यवाही पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष ‘लानत पत्र’ देना चाहता था, लेकिन उसे स्वीकार करने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। उन्होंने विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर भी सवाल उठाए।
भाजपा और अकाली दल पर भी साधा निशाना
परगट सिंह ने दिल्ली में सिखों के कत्लेआम से जुड़े मुद्दे पर कहा कि उस समय हुई हिंसा गलत थी। साथ ही उन्होंने भाजपा पर समाज में नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
NDA की पंजाब में सरकार बनने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सुखबीर सिंह बादल की आलोचना की और तीन कृषि कानूनों के समर्थन का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी सवाल किए। परगट सिंह के बयान में मंडियों की खरीद व्यवस्था से लेकर कानून-व्यवस्था, विधानसभा की कार्यवाही और केंद्र की नीतियों तक कई मुद्दे शामिल रहे। उनके आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से किया जाना आवश्यक है।









