PUNJAB DESK : पंजाब में किसानों और मजदूरों की मांगों का समाधान नहीं होने पर किसान मजदूर मोर्चा ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मोर्चे के संयोजक सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि संगठन 9 दिसंबर को चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा लगाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने किसानों की मांगों को तय समय में हल करने के संबंध में दिए गए भरोसे को पूरा नहीं किया।
पंजाबी ट्रिब्यून की 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सरवन सिंह पंधेर ने किसान भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के साथ बैठक में किसानों की मांगों का 15 अक्टूबर तक समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी संगठन को मांगों के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली। इससे किसान मजदूर मोर्चे में नाराजगी है।
पंजाब सरकार पर लगाए आरोप
पंधेर ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की किसान और आम जनता से जुड़ी नीतियों को लागू करने में राज्य सरकार तेजी दिखाती है। उन्होंने इस संदर्भ में तीन कृषि कानूनों का उल्लेख करते हुए दिल्ली की तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। ये आरोप पंधेर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान लगाए हैं।
नशे के मुद्दे पर भी जताई चिंता
किसान मजदूर मोर्चे के नेताओं ने पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। नेताओं के मुताबिक, इस समस्या से निपटने के लिए गंभीर प्रयासों की जरूरत है।
परविंदर सिंह झोटा की हत्या की निंदा
इस दौरान मोर्चे के नेताओं ने मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या की निंदा की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। किसान नेताओं ने राज्य में किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग दोहराई।









