PUNJAB DESK : विजयदशमी के पर्व को लेकर जालंधर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के साईं दास स्कूल ग्राउंड में श्री महाकाली मंदिर दशहरा कमेटी की ओर से 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर मैदान में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतले तैयार किए जा रहे हैं। इन पुतलों को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।
100 फीट ऊंचा होगा रावण का पुतला
इस बार रावण का पुतला 100 फीट ऊंचा तैयार किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, मेघनाद का पुतला 50 फीट और कुंभकरण का पुतला 55 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है। मैदान में पुतलों के चेहरे तैयार हो चुके हैं और बाकी काम तेजी से पूरा किया जा रहा है।
18 कारीगर दिन-रात कर रहे मेहनत
पुतले बनाने वाले कारीगर शहजाद ने बताया कि उनकी टीम हर साल इस आयोजन के लिए पुतले तैयार करती है। इस बार कुल 18 कारीगर निर्माण कार्य में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि पुतलों को तैयार करने में करीब दो महीने का समय लगा है। बारिश से बचाव के लिए आगरा से विशेष वाटरप्रूफ रंग मंगवाया गया है, ताकि पानी पड़ने पर पुतलों को नुकसान कम हो। कारीगर के मुताबिक, तीनों पुतलों को बनाने में लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये की लागत आई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 19 अक्टूबर को पुतलों को मैदान में खड़ा करने की तैयारी है।
37वीं बार होगा दशहरा उत्सव
श्री महाकाली मंदिर दशहरा कमेटी के अध्यक्ष तरसेम कपूर ने बताया कि साईं दास स्कूल ग्राउंड में इस बार 37वां दशहरा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुतलों के निर्माण के बाद उनमें पटाखे, रंग-बिरंगी लाइटें और अन्य सजावट की जाएगी। तरसेम कपूर के अनुसार, आगरा से आने वाले कारीगर पिछले 18 वर्षों से कमेटी के लिए पुतले तैयार कर रहे हैं। आयोजन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और दशहरे के दिन बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
रावण दहन को लेकर लोगों में उत्साह
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाता है। जालंधर के साईं दास स्कूल ग्राउंड में होने वाला यह आयोजन हर साल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी उत्सव को लेकर शहरवासियों में उत्साह देखने को मिल रहा है।









