बजट 2027 से पहले SEBI की बड़ी सिफारिश, विदेशी निवेशकों पर 12.5% LTCG टैक्स हटाने का प्रस्ताव

BUSINESS DESK : केंद्रीय बजट 2027 से पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विदेशी निवेशकों को राहत देने के लिए बड़ा प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। बाजार नियामक ने विदेशी निवेशकों पर लगने वाला 12.5 प्रतिशत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स खत्म करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी एक स्कीम से दूसरी स्कीम में निवेश स्थानांतरित करने पर टैक्स राहत देने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, ये सिफारिशें अभी केवल प्रस्ताव के स्तर पर हैं। इन्हें लागू करने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है। इसलिए फिलहाल मौजूदा टैक्स नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

विदेशी निवेशकों को कैसे मिलेगी राहत?

वर्तमान नियमों के अनुसार, विदेशी निवेशकों को एक साल से अधिक समय तक रखे गए पात्र इक्विटी निवेश पर होने वाले मुनाफे पर 12.5 प्रतिशत LTCG टैक्स देना पड़ता है। SEBI का मानना है कि इस टैक्स को हटाने से भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पूंजी का निवेश बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नियामक ने विदेशी निवेशकों के साथ पिछले दो वर्षों में हुई बैठकों के दौरान टैक्स और निवेश से जुड़ी लागत को लेकर सामने आई चिंताओं को भी अपनी सिफारिशों में शामिल किया है।

म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी मिल सकता है फायदा

SEBI ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी राहत का सुझाव दिया है। इसके तहत यदि कोई निवेशक एक साल से अधिक समय तक किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश रखने के बाद अपनी रकम दूसरी स्कीम में लगाता है, तो इस बदलाव को टैक्स के लिहाज से बिक्री न माना जाए। फिलहाल एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने पर पुरानी स्कीम से निकासी और नई स्कीम में निवेश माना जाता है। इस प्रक्रिया में होने वाले पूंजीगत लाभ पर टैक्स लग सकता है। यदि SEBI का प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है, तो निवेशकों को अपना पोर्टफोलियो बदलने में अधिक सुविधा मिल सकती है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता

SEBI की यह सिफारिश ऐसे समय आई है, जब भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने वर्ष 2026 में भारतीय शेयरों से रिकॉर्ड 31 अरब डॉलर की निकासी की है। इसके अलावा भारतीय बाजारों का प्रदर्शन पिछले दो वर्षों में कई उभरते बाजारों की तुलना में कमजोर रहा है। SEBI का मानना है कि निवेश से जुड़ी लागत और टैक्स का बोझ कम करने से भारत विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन सकता है।

अब सरकार के फैसले का इंतजार

SEBI ने ये सुझाव बजट से पहले सरकार को भेजी गई अपनी सिफारिशों के तहत दिए हैं। अब वित्त मंत्रालय को तय करना है कि विदेशी निवेशकों के LTCG टैक्स में छूट और म्यूचुअल फंड स्कीम बदलने पर प्रस्तावित राहत को बजट 2027 में शामिल किया जाए या नहीं। फिलहाल निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक मौजूदा टैक्स नियम ही लागू रहेंगे।

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