69 देशों के बीच सातवां स्थान हासिल
NATIONAL DESK : लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के छात्र निखिलन जेएम ने अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मानव रहित हवाई प्रणाली (UAS) श्रेणी में उन्होंने 69 देशों के प्रतिभागियों के बीच सातवीं रैंक हासिल की। उनकी इस उपलब्धि से उन्नत ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की क्षमता सामने आई है।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी दिखाया दम
निखिलन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंचने से पहले क्षेत्रीय कौशल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद इंडियास्किल्स 2025–26 की UAS टेक्नोलॉजी श्रेणी में रजत पदक हासिल कर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई। अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की तैयारी के लिए उन्होंने 15 मई से 19 जून 2026 तक विशेष प्रशिक्षण लिया। इसके बाद प्रतियोगिता से पहले गहन अभ्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
ड्रोन सिस्टम की तकनीकी समझ की हुई परख
वर्ल्डस्किल्स की UAS श्रेणी में प्रतिभागियों को मानव रहित हवाई प्रणालियों की असेंबली, कॉन्फ़िगरेशन, कैलिब्रेशन और प्रोग्रामिंग जैसे कार्यों में दक्षता दिखानी होती है। इसके अलावा तकनीकी खामियों की पहचान, मरम्मत और सिस्टम का संचालन भी मूल्यांकन का हिस्सा होता है। इन सभी कार्यों में तकनीकी सटीकता, व्यावहारिक ज्ञान और समस्या सुलझाने की क्षमता अहम होती है। ऐसे में दुनिया भर के प्रतिभागियों के बीच सातवां स्थान हासिल करना निखिलन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
LPU प्रबंधन ने शिक्षा और नवाचार पर दिया जोर
LPU के संस्थापक चांसलर और राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने में अनुसंधान, नवाचार और व्यावहारिक शिक्षा की अहम भूमिका है। उन्होंने छात्रों को नई तकनीक सीखने और उसे वास्तविक परिस्थितियों में इस्तेमाल करने के अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। विश्वविद्यालय अपने छात्र अनुसंधान एवं परियोजना विभाग (DSRP) के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों के साथ तकनीकी परियोजनाओं पर काम करने का अवसर देता है।
ड्रोन से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक प्रशिक्षण
LPU में रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, एम्बेडेड सिस्टम और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर भी काम किया जाता है। इन प्रयासों का उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए तैयार करना है। निखिलन जेएम की उपलब्धि तकनीकी शिक्षा और कौशल आधारित प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करती है। यह उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो एयरोस्पेस और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।









